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सुरेखा की सूझ

सुरेखा अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। पांच साल की उम्र की वह बड़ी ही अ़क्लमंद थी। जब देखो शोर मचाती रहती थी और घर भर में इधर से उधर और उधर से इधर तेज़ घूमती रहती थी। एक दिन रात को उसकी मॉं ने सुरेखा से कहा, ‘‘बिटिया सुरेखा, पिछवाड़े में जाकर ज़रा झाडू ले आना।’’ ‘‘पिछवाड़े में अंधेरा है। वहॉं मुझे कुछ ...

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